वाराणसी: जिले के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में एक बार फिर जूनियर डॉक्टर और विश्वविद्यालय के छात्र आमने-सामने आ गए हैं। बीएचयू अस्पताल में चेकअप कराने गए एक लॉ छात्र ने जूनियर डॉक्टरों पर मारपीट और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है।
मामला बढ़ता देख सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र धरना खत्म करने को तैयार नहीं हैं। दोपहर में शुरू हुआ धरना फिलहाल जारी है। छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।
पूरी घटना शनिवार दोपहर की बताई जा रही है। पीड़ित छात्र का कहना है कि वह सुबह करीब 10:00 बजे चेकअप कराने अस्पताल आया था। उस समय ओपीडी में कुछ डॉक्टर मरीज देख रहे थे।
उसका आरोप है कि मेरी पर्ची एक जूनियर डॉक्टर के पास गई, जिसने उसे देखने से इनकार कर दिया और मुझे 12 से 1 बजे के बीच आने को कहा। आरोप है कि रात 12 बजे भी डॉक्टरों ने उसे देखने से इनकार कर दिया और मेरा हेल्थ कार्ड फेंक दिया।
छात्र का आरोप है कि डॉक्टर ने उसे देखने से इनकार कर दिया और कहा कि अब ओपीडी में कोई भी डॉक्टर उसे नहीं देखेगा। छात्र ने कहा कि हमने जूनियर डॉक्टर से माफ़ी मांगी और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस मामले की जाँच कर रही है: छात्र ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन के बाद कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आए। वे सभी हमसे अच्छे से बात कर रहे थे। छात्र का आरोप है कि इस दौरान सुरक्षा अधिकारी ने हेल्थ कार्ड को फर्जी साबित करने की कोशिश की। बीएचयू के छात्रों का कहना है कि जब तक जूनियर डॉक्टर माफ़ी नहीं मांगते, यह विरोध प्रदर्शन ऐसे ही जारी रहेगा।
मौके पर पहुँची प्रॉक्टर की टीम ने छात्रों को समझाया, लेकिन मामला अभी भी शांत नहीं हुआ है। छात्रों का आरोप है कि उनके साथ मारपीट भी की गई, जिसका वीडियो छात्रों ने बनाया है। इस पूरी घटना में तीन छात्रों को मामूली चोटें भी आई हैं।
घटना के बाद बीएचयू चौकी प्रभारी सौरभ तिवारी ने बताया कि मौके पर पहुँचकर छात्र को समझाया गया है। उनसे लिखित शिकायत ली जा रही है। इसके साथ ही मामले की जांच की जाएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

